ASHA Anganwadi Salary Increase Update: 2026 में मानदेय बढ़ोतरी के संकेत, लाखों कार्यकर्ताओं को मिल सकती है राहत
ASHA Anganwadi Salary Increase Update: ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और बाल विकास योजनाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए वर्ष 2026 राहत भरा साबित हो सकता है। लंबे समय से मानदेय वृद्धि, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर कार्य सुविधाओं की मांग उठती रही है। अब केंद्र और राज्य स्तर पर इन मांगों पर गंभीर विचार के संकेत मिल रहे हैं।
संभावना जताई जा रही है कि बजट 2026 के दौरान मानदेय सुधार से जुड़ा प्रस्ताव सामने आ सकता है।
मानदेय बढ़ाने की मांग क्यों तेज हुई
आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता वर्षों से सीमित मानदेय पर काम कर रही हैं। महंगाई बढ़ने, काम के दायरे में विस्तार और फील्ड जिम्मेदारियों के बावजूद आय में संतुलित बढ़ोतरी नहीं हुई। इसी वजह से कई राज्यों में प्रदर्शन और ज्ञापन भी दिए गए।
नीति निर्माताओं के बीच यह समझ बनी है कि इन फ्रंटलाइन वर्कर्स की आर्थिक स्थिति मजबूत होने से सरकारी योजनाओं का असर भी बेहतर होगा।
ASHA Anganwadi Salary Increase Update संभावित नया वेतन ढांचा
फिलहाल विभिन्न राज्यों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को लगभग ₹4,500 से ₹10,000 तक मानदेय मिलता है। प्रस्तावित संशोधन के बाद यह बढ़कर करीब ₹15,000 से ₹18,000 प्रतिमाह तक जा सकता है।
आशा कार्यकर्ताओं के लिए फिक्स्ड स्टाइपेंड के साथ टास्क आधारित इंसेंटिव बढ़ाने पर भी विचार चल रहा है। यदि केंद्र और राज्य दोनों का योगदान बढ़ता है, तो कुल मासिक आय में स्पष्ट सुधार संभव है।
राज्यों की ओर से क्या पहल
कई राज्यों ने अपने स्तर पर कदम बढ़ाने के संकेत दिए हैं।
राजस्थान में करीब 20% तक बढ़ोतरी की चर्चा है, दिल्ली में स्टाइपेंड संशोधन प्रस्तावित है, बिहार में प्रोत्साहन राशि बढ़ाने के कदम उठाए गए हैं और तमिलनाडु में सहायिकाओं के पेंशन लाभ बेहतर किए गए हैं।
हालांकि राज्यवार मॉडल अलग हो सकता है, लेकिन रुख सकारात्मक दिख रहा है।
सामाजिक सुरक्षा पर भी फोकस
सिर्फ वेतन वृद्धि ही नहीं, बल्कि सुरक्षा सुविधाओं पर भी जोर है। संभावित प्रस्तावों में जीवन व दुर्घटना बीमा कवर, डिजिटल रिपोर्टिंग के लिए स्मार्टफोन, बेहतर मेडिकल लीव, रिटायरमेंट सहायता राशि और लंबी सेवा के बाद पदोन्नति अवसर शामिल हो सकते हैं।
इनसे कार्य परिस्थितियां अधिक स्थिर और सुरक्षित बन सकती हैं।
2026 में क्या बदलाव संभव
अगर प्रस्ताव लागू होते हैं तो कुल आय में 20% से 50% तक की बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है। इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और स्वास्थ्य व पोषण योजनाओं की जमीनी पहुंच मजबूत होगी।
ध्यान रहे कि अंतिम दरें और लाभ केवल आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही तय माने जाएंगे। सामान्यतः ऐसे बदलाव स्वतः लागू होते हैं और अलग आवेदन की जरूरत नहीं पड़ती।
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